CG News: छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के 9 गांवों में आज शान से पहली बार तिरंगा लहराने जा रहा है। आजादी के 76 वर्ष बाद पहली बार नौ गांव में तिरंगा लहराने से लोगों में खुशी का माहौल है। इससे पहले इन गांव में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया था।
देश को अंग्रेजों से आजादी 1947 में मिली और भारत ने अपना संविधान 1950 में लागू किया. आजाद और गणतंत्र भारत के 75 साल पूरे होने के बाद भी छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के नौ सुदूरवर्ती गांवों में 76 सालों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा. यह इन क्षेत्रों में नक्सलियों के घटते प्रभाव एवं सुरक्षा परिदृश्य में सुधार का संकेत है.
पुलिस के मुताबिक इन गांवों में 1947 के बाद से कभी भी ध्वजारोहण नहीं हुआ . लेकिन कल जब इन गांवों के ग्रामीण देश के बाकी लोगों के साथ गणतंत्र दिवस मनायेंगे तो स्थिति बदल जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन गांवों के समीप सुरक्षाबलों के लिए नये शिविरों की स्थापना से उनके विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ और वे फिर राज्य के बाकी हिस्सों से जुड़ पाये हैं.
ये हैं वो जगहें जहां फहराया जाएगा तिरंगा
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर क्षेत्र) सुंदरराज पी ने न्यूज एजेंसी से कहा, बीजापुर जिले के पालनर, डुमरीपालनर, चिंतावागु और कवाडगांव में, सुकमा जिले के मुलेर, परिया, सालटोंग, मुकराजकोंडा और डुलेड गांवों में शुक्रवार को तिरंगा फहराया जाएगा. इन गांव में आजादी के बाद से ऐसा कार्यक्रम कभी नहीं हुआ।










