रायगढ़। बीती रात से जारी बारिश ने नगर प्रशासन की तमाम तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। शहर का एक बड़ा हिस्सा पानी-पानी हो गया है। कॉलोनियों से लेकर मुख्य बाज़ार, गलियों और सड़कों तक जलभराव की भयावह स्थिति है। जहाँ रोज़ाना चहल-पहल रहती थी, वहाँ अब सन्नाटा पसरा है और सड़कें लबालब पानी से भरी हुई हैं। कई जगहों पर तो घरों के अंदर तक गंदा नाला पानी घुस चुका है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बाधित हो गई है।
कई प्रमुख कॉलोनियाँ डूबीं, गाड़ियाँ तैरती नजर आईं
शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर सामान्य आवासीय इलाकों तक कोई ऐसा कोना नहीं बचा जो बारिश की मार से अछूता हो।
कृष्णा वाटिका, शिवम विहार, फ्रेंड्स कॉलोनी, सिद्धिविनायक कॉलोनी, आशीर्वाद कॉलोनी, मौदहापारा चर्च रोड, गंधरी पुलिया, रामभांठा, बजरंगपारा, गोपी टॉकीज रोड, स्टेडियम के पीछे, गुजराती पारा और गोकुलधाम जैसे इलाके बुरी तरह जलमग्न हो गए हैं। सड़कों और पार्किंग में खड़ी दोपहिया-चारपहिया वाहन आधे पानी में डूबे हुए हैं, कुछ तो मानो तैरते नजर आ रहे हैं।
किचन तक पहुँचा नाले का पानी, बीमारियों का खतरा
सबसे चिंता की बात यह है कि कई घरों के किचन और कमरों तक नालियों का गंदा पानी भर गया है। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवारों में चिंता का माहौल है। कुछ ऐसे भी घर है जहां बुजुर्ग चलने की स्थिति में नहीं है,लेकिन बारिश का पानी घर मे घुसने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन मौके पर, लेकिन सवाल अब भी खड़े हैं
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। निगम अमला जल निकासी में जुटा है।
नगर निगम की पूर्व तैयारी की पोल खुल चुकी है। बारिश के पहले बड़े जोरशोर से नालों की सफाई, जल निकासी की योजनाएँ और ड्रेनेज सुधार जैसे वादे किए गए थे, परंतु जमीन पर वह सब नदारद नजर आया।
जनता में गुस्सा, प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में भारी रोष है। नागरिकों का कहना है कि हर साल मानसून में ऐसा होता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। कई लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं। शहरवासियों ने कहा कि “कई सालों से निगम वादा करता है कि नालियों की सफाई समय पर होगी, लेकिन हकीकत यह है कि बारिश के पहले कुछ भी काम नहीं होता। अब हम गंदे पानी में जीने को मजबूर हैं।”
मौसम विभाग की चेतावनी, आने वाले दिन भारी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक और बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में यदि समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो स्थिति और भी विकराल हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
नगर निगम की लापरवाही और आधी-अधूरी तैयारियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सिर्फ कागज़ी योजनाओं से हालात नहीं सुधरते। शहर को हर साल इस तरह जल संकट का सामना करना पड़े, यह विकासशील रायगढ़ के लिए एक चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बार सिर्फ लीपापोती करता है या कोई ठोस समाधान की दिशा में कदम उठाता है।










