Raigarh News : तमनार क्षेत्र के मुंडागांव में अदानी समूह द्वारा की जा रही जंगल की कटाई का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रभावित ग्रामीणों के द्वारा लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है, जिनके समर्थन में आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और दो दर्जन से अधिक कांग्रेसी विधायक व कार्यकर्ता मुड़ागांव पहुंचे। जहां उन्होंने जल, जंगल, जमीन बचाने की लड़ाई लड़ने वाले आदिवासीयों की लड़ाई को जायज बताते हुए कांग्रेस पार्टी का पूर्ण समर्थन होने की बात कही।
प्रभावित ग्रामीणों से चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज सभी के हक की लड़ाई के लिए हमारी पार्टी आपके साथ यहां पर खड़ी है। यह जंगल जमीन को बचाने वाले हमारे आदिवासी भाई बहन ही है। बरसात के दिनों में जंगल नहीं कटता है, लेकिन यहां जंगल को साफ कर दिया गया है। जंगल को काटने का काम केवल वन विभाग करता है, दूसरा नहीं कर सकता है। लेकिन यहां 2000 फोर्स के साथ अडानी के आदमी आकर जंगल काट दिए। यदि जंगल में रहने वाले लोग कुछ मात्रा में भी सूखी लकड़ी जंगल से ले आते हैं, तो वन विभाग कार्रवाई कर देती है, लेकिन इस जंगल को पूरा काट दिया गया है,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि देश के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का रहे हैं कि “एक पेड़ मां के नाम और पूरा जंगल बाप के नाम”..!
ये जंगल राज है…
भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि सरकार कानून को नहीं मान रही है। यहां पंचायती राज है,पेशा कानून है, पेशा कानून जब लगा है,तो पेड़ कटाई कैसे हो गई..? बिना ग्राम सभा के कोई भी काम नहीं हो सकता है, लेकिन यहां बिना ग्राम सभा के पेंड काट दिए गए। यह कानून राज नहीं है यह जंगल राज है।
अदृश्य शक्ति कौन है..?
वर्तमान में प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बनी, जब भाजपा की सरकार बनी,जब विष्णु देव शपथ नहीं लिए थे, उससे पहले हसदेव जंगल कट गया, यह कैसा हुआ..? यह अदृश्य शक्ति कौन है..?
भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल
भूपेश बघेल ने कहा कि 26 और 27 जून को जंगल तबाह कर दिया गया। लेकिन आज हफ्ते भर बाद भी प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद रही गोमती साय, और जिले के ताकतवर मंत्री ओपी चौधरी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला है। उन्हें अभी प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़ा होना चाहिए।
बीजेपी की सरकार जनता की सरकार नहीं है…
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विष्णु देव को मुख्यमंत्री इसलिए बनाया गया है, ताकि आदिवासियों का नुकसान किया जा सके। जल, जंगल,जमीन, का नुकसान किया जा सके, इसलिए ही उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तर में 30 से 40 हजार युवा प्रदेश को छोड़ने के लिए राजी हो गए हैं, वह बाहर जाकर जीवन यापन करना चाहते हैं। क्योंकि उन्हें नक्सली बताकर भाजपा की सरकार अंदर करवा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में 6 माह के बच्चे को नक्सली बता कर मारा जा रहा है, रसोइयों को गोली मार दिया जा रहा है, जो की आदिवासी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अदानी का मुलाजिम बताया है।
कोयला खदानों की जरूरत ही क्यों..?
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा हाइड्रो प्रोजेक्ट, सोलर ऊर्जा, विंड प्रोजेक्ट से लाइट उत्पादन करने की बात कहीं जा रही है, तो आखिर कोयला से बिजली उत्पन्न करने की जरूरत ही नहीं पढ़नी चाहिए, तो क्यों खदान खुलवाया जा रहा है।
शिक्षा से वंचित करना चाहती है भाजपा सरकार
भाजपा सरकार की युक्तिकरण की नीति पर कहते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश के 10400 से भी अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया है। ताकि सरकार पिछड़े वर्ग और आदिवासी समाज के लोगों को शिक्षा से वंचित कर सके, भाजपा सरकार चाहती है कि बस ₹1000 महतारी वंदन की राशि मिलते रहे,5 किलो राशन मिलता रहे, इसी में जनता खुश रहे। भले ही मनरेगा, गैस सब्सिडी ना मिले भले ही लोगों को बिजली का झटका लगता रहे।
शेड पर पड़ी नजर…
मुआवजे के लिए तमनार क्षेत्र में भारी मात्रा में शेड का निर्माण किया गया है। चर्चा के दौरान शेड के नीचे बैठे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नजर पड़ गई। तब पूछने लगे कि ये शेड किसका है..? क्यों बनवाया गया है..? क्या यहां गाय बैल बांधते हैं..? तभी कुछ लोग कहने लगे की मुआवजे के लिए है,फिर पीछे से आवाज आई और कहने लगे कि यह आदिवासियों का नहीं है। उद्योगपति लोग बनवाए हैं, भू माफिया लोगों का है। लोगों की बातें सुनने के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि मुआवजा इसके मूल मलिक को मिलना चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर तक बात पहुंचाने का दावा
भूपेश बघेल ने कहा कि हम इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगे, और 7 जुलाई को खड़गे जी रायपुर आ रहे हैं, इस पर आप सभी आमंत्रित हैं। एक प्रतिनिधिमंडल 7 तारीख को रायपुर आये,उन्हें खड़गे जी से मिलवाने की व्यवस्था करेंगे, ताकि बात राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे।
पत्रकारों से बोले बघेल
100 हेक्टेयर जमीन पर लगभग 500 पेड़ों को बिना ग्राम सभा के, वन विभाग और जिला प्रशासन के संलिप्तता में अदानी के लोगों ने पूरा जंगल साफ कर दिया। बरसात में वैसे भी जंगल में प्रवेश निषेध होता है कोई भी गांव के लोग एक टहनी भी काट दे, तो उसके खिलाफ जुर्म दर्ज होता है। और जब अपराध तब और भी बड़ा हो जाता है जब सरकार खुद ही जंगल साफ करने में लग जाए। मुड़ागांव में ठीक इसी प्रकार की घटना 26 27 जून को हुई है। लगातार जंगल काटने का काम हुआ तो उसके विवाद में पूरे गांव ब्लॉक और जिले के लोग खड़े हुए हैं और प्रदेश के लगभग दो दर्जन से अधिक विधायक, पूर्व विधायक आकर गांव वालों का समर्थन कर रहे हैं। जो जंगल कटाई हुई है यह पेशा कानून का विपरीत है, एनजीटी के नियमों का विपरीत है, वन एवं पर्यावरण नियमों के विपरीत है। यह सब गलत हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अभी तक चुप है। जबकि वह इस लोकसभा से चार बार सांसद रहे हैं, अभी वह मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे हैं। आदिवासियों के द्वारा जो संरक्षित वन है, इस पर हमारी सरकार के द्वारा व्यक्तिगत व सामुदायिक पट्टे दिए गए। सामुदायिक पट्टे होने के बावजूद कटाई की गई। यह जंगल गांव के लोगों द्वारा सुरक्षित और संवर्धित जंगल है, बिना गांव वाले के अनुमति के बगैर यह जिस प्रकार कटाई की गई है नियम विपरीत है। विष्णु देव साय से हम पूछना चाहेंगे कि इस मामले में जिला प्रशासन के लोग, पुलिस प्रशासन के लोग, वन विभाग के लोगों की जो संलिप्तता रही है और जो अडानी के गुंडे आये थे, आकर यहां कटाई किये और उनके इशारे पर यहां के जनप्रतिनिधि सरपंच, विधायक विरोध करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहे हैं ।।।
भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री










