Tamnar News: औद्योगिक नगरी रायगढ़ के तमनार ब्लाक में ग्रामीण विकास के नाम पर केवल प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। फ्लाई ऐश की समस्या क्षेत्रवासियों के लिए नासूर बनती जा रही है। हवा के साथ लोगों को अब फ्लाई एस रूपी जहर भी फांकना पड़ रहा है। फ्लाईएश की बढ़ती समस्या को लेकर पीड़ित ग्राम वासियों ने शनिवार को मोर्चा खोलते हुए जेपीएल शॉपिंग कांप्लेक्स परिसर के सामने सांकेतिक चक्का जाम कर दिया। वाहनों के पहिए थमने पर जेपीएल प्रबंधन कर्मी मौके पर पहुंचे। जहां उनका वही रटा रटाया जवाब सुनने को मिला। 3 दिनों के भीतर स्थिति सुधारने की बात प्रबंधन के अधिकारियों ने कही। जिसके बाद पीड़ित ग्राम वासियों ने 3 घंटे के चक्का जाम खोल दिया। साथ ही 3 दिनों के भीतर स्थिति नहीं सुधरने पर पीड़ित ग्राम वासियों ने प्रशासनिक अमला को ज्ञापन सौंपकर आर्थिक नाकेबंदी करने की चेतावनी दी है।
हवा के साथ गांव में पहुंच रहा फ्लाई एश
इस साल फिर एक बार तेज हवा चलने के बाद कुंजेमुरा, रेगांव पाता, बांधापाली,सलिहाभांठा गांव के ग्रामीण समस्या से जुझ रहे हैं, सप्ताह भर से तेज गती से चल रही हवा से घरों में राख के परत जम रहे हैं, शनिवार को कुंजेमुरा के ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर मोर्चा खोल दिया। समस्या से जुझते हुए ग्रामीण जिंदल के फ्लाइ एश राख डेम के सामनें पहुंच कर अपनी मांग को लेकर आंदोलन करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना था की फ्लाईएश राख से जीवन दुभर हो गया है , रोज खाने पिने, कपड़े,सब्जी भाजी सब राख से सना रहता है , लगता है अब धिरे-धिरे रोज जहर खा रहे हैं।
कहां से आता है राख
जिंदल के पावर प्लांट से बिजली उत्पादन के बाद जो राख निकलता है उसे रखने के लिए डेम बनाया गया है, डेम भरने के बाद लगातार फ्लाईएश डेम की उचाई भी बढ़ाई जा रही है, गांव के उचाई से डेम की उचाई दो गुनी हो चुकी है जिसके कारण हल्का हवा से भी राख गावं की ओर रुख कर लेती है और फिर ग्रामीण समस्या से जुझते नजर आते हैं।
कैसे उड़ रहा राख
गांव से डेम की ऊंचाई दोगुनी हो चुकी है, गर्मी के दिनों में हल्की हवा के बाद गांव की ओर हर साल फ्लाई एश उड़नें लगता है। लेकिन इस साल डेम से राख खाली करने का काम किया जा रहा है।राख को डोंगामहुआ माइंस में डंप किया जा रहा है, और जब गाडियों में राख लोडिंग किया जाता है, और उसे खोदा जाता है और फिर हवा चलने लगती है। तब राख गांव की ओर उड़ने लगती है । परिवहन कार्य में लगे गाड़ियों अधिक फेरे लगाने के चक्कर में गाड़ियों तेज चलाई जाती है और फिर राख गांव की ओर उड़ने लगता है ।
हर साल आंदोलन, विभाग का काम महज खाना पुर्ती
हर साल गर्मी के महीने में यह समस्या सामने आती है। ग्रामीण आंदोलन भी करते हैंम पर्यावरण विभाग में शिकायत भी होती है, कार्रवाई करने की बात कही जाती है। खानापूर्ति भी होती है और फिर मौसम और साल बदलने के बाद ग्रामीणों की समस्या फिर उत्पन्न हो जाती है, धिमा जहर फिर लोगों के सांस में घुलने लगती है।
क्या बोलते है पीड़ित ग्रामीण
3 दिन के भीतर हालात नहीं सुधरेगी तो शासन प्रशासन को अवगत करा कर राख गाड़ियों को रोका जाएगा चक्का जाम किया जाएगा। ग्रामीण अब समस्या से त्रस्त हो चुके हैं।
जयपाल भगत सरपंच कुंजेमुरा
हमारे गांव कुंजेमुरा सहित आसपास गांव के ग्रामीण त्रस्त हैं, अपनी समस्या को लेकर हम पहूंचे हुए थे। कंपनी प्रबंधन ने तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान करने की बात कही हैं।
विद्यावती सिदार ग्रामीण कुंजेमुरा










