Raigarh News: नाली को पाट कर पानी निकासी किया बाधित ! कॉलोनाइजर सहित तीन को नोटिस !


रायगढ़। छातामुड़ा स्थित क्षेत्र में निस्तार के लिए बने नाली को पाट कर बाउंड्रीवॉल कर दिया गया। इससे क्षेत्र की पानी निकासी की समस्या आ गई है। इसपर निगम प्रशासन ने नाली को पाटने एवं बाउंड्रीवॉल करने के विरुद्ध में कॉलोनाइजर सहित तीन लोगों को नोटिस जारी किया है।


निगम प्रशासन द्वारा पूर्व में मेजर्स एलायंस डेवलपर्स भागीदार राकेश अग्रवाल, आनंद बंसल पार्क सिटी कॉलोनाइजर छातामुड़ा को खसरा क्रमांक 109 एवं अन्य खसरा कुल रकबा 1.936 हेक्टेयर भूमि में कॉलोनी विकास की अनुमति दी गई थी, जिसमें कॉलोनाइजर द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कॉलोनी में नाली का निर्माण एवं ढलान स्वयं के स्वामित्व के भूमि खसरा क्रमांक 112 एवं 189 / 2 में प्रावधानित किया गया है। यहां उक्त भूमि पर कॉलोनी का अपशिष्ट व जल वर्षा जल में प्रवाहित होता है, लेकिन वर्तमान में उक्त भूमि में मिट्टी भर दिया गया है, जिसके कारण वर्ष के जल पानी निकासी में बाधित होगी। इसी तरह सजन अग्रवाल पिता बनारसीदास लाल टंकी रोड द्वारा खसरा क्रमांक 196 / 4 प्राकृतिक नाला को बाधित कर बाउंड्रीवॉल निर्माण एवं प्राकृतिक नाला में मिट्टी भराव किया गया है। इससे प्राकृतिक नाला बाधित हो गई है और पानी निकासी की समस्या के साथ बरसात के दिनों में जल भराव की स्थिति निर्मित होने की आशंका है। इधर राजकुमार सिंघल आत्मा श्री शिव कुमार सिंघल जूट मिल द्वारा छाता मूल खसरा क्रमण 113 / 5 में बिना अनुमति के मिट्टी भराव किया गया है। इससे प्राकृतिक ढलान प्रभावित हुआ है। प्राकृतिक नाला बाधित होने के कारण वर्षा का जल निकासी बाधित होगी और इससे भी मोहल्ले में पानी भरने की आशंका है।

कॉलोनी और मोहल्लेवासियों की शिकायत पर निगम कार्यपालन अभियंता अमरेश कुमार लोहिया, सहायक अभियंता सह स्वास्थ्य अधिकारी श्री अनुराग शर्मा, सहायक अभियंता श्री सूरज देवांगन एवं निगम की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान उक्त क्षेत्र स्थित प्राकृतिक नाला में मिट्टी भरने एवं बाउंड्रीवॉल करने की बातें सामने आई है, जिससे पानी निकासी एवं जल भराव की स्थिति निर्मित होगी। इसपर कालोनाइजर सहित संबंधित तीन लोगों को निगम प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उक्त स्थल से मिट्टी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर निगम प्रशासन द्वारा नगर पालिका अधिनियम 1956 के तहत निर्देशित अपशिष्ठ प्रबंधन के तहत कारवाई की जाएगी। इससे होने वाले की राशि संबंधितों से वसूल किया जाएगा। इसी तरह किसी भी प्रकार की जन धन हानि होने पर संबंधितों की जवाबदारी होगी।

न्यायालय अनुविभागीय कार्यालय में है प्रकरण
निगम प्रशासन द्वारा पूर्व में हुई शिकायत को लेकर एवं खसरा संबंधित प्राकृतिक नाला के संबंध में न्यायालय अनुविभागी अधिकारी राजस्व में दिनांक 2 जून 2022 को प्रकरण दायर किया गया था। प्रकरण लंबित होने के बाद भी संबंधितों द्वारा प्राकृतिक नाला को पाटने और बाउंड्रीवॉल करने का कार्य किया गया है, जो नियम विरुद्ध है। इसे लेकर भी न्यायालय में निगम प्रशासन द्वारा आवेदन किया जाएगा।

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