रायगढ़-हमीरपुर मार्ग: सड़क किनारे बने गड्ढों और अवैध पार्किंग से हो रहे हादसे, महिला की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन!

रायगढ़। रायगढ़-हमीरपुर मार्ग पर सड़क किनारों पर बने गड्ढे और दोनों ओर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों की वजह से हुए जाम ने बीते दिनों एक महिला की जान ले ली। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और मौन स्वीकृति का खामियाजा है, जो आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

जाम में फंसी बाइक, पैदल उतरना पड़ा जानलेवा

हादसा संबलपुरी गांव के पास हुआ, जब एक दंपत्ति बाइक से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। मार्ग पर भारी वाहनों के बेतरतीब खड़े होने और सड़क किनारों पर गहरे गड्ढों के कारण जाम की स्थिति बन गई। बाइक से निकल पाना मुश्किल था, इसलिए मृतका के पति ने उसे जाम पार करने के लिए बाइक से उतरकर पैदल चलने को कहा।

महिला जैसे ही पैदल सड़क किनारे चलने लगी, तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर आया और किनारे की ओर झुकते हुए महिला को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा, बल्कि सड़क की खामियों और प्रशासन की निष्क्रियता को भी उजागर कर दिया।

तस्वीर में गढ्ढे की गहराई बहुत कम नजर आ रही है, लेकिन गढ्ढे रोड से करीबन घुटने भर के है।

सड़क नहीं टूटी, किनारे जानलेवा गड्ढों से भरे

हालांकि मुख्य सड़क की हालत खराब नहीं है, लेकिन उसके दोनों ओर बड़े और गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को खतरा बना रहता है। किसी भी आपात स्थिति में किनारे हटना या बाइक रोकना मुश्किल हो जाता है।

सड़क भी टूट चुकी है और गड्ढे घुटने भर के है

ढाबों के पास अव्यवस्थित पार्किंग बनी हादसों की जड़

इस मार्ग पर मौजूद कई ढाबों और दुकानों के पास पार्किंग की कोई सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है। भारी वाहन चालक अपने ट्रक व ट्रेलर को मुख्य मार्ग के किनारे ही खड़ा कर देते हैं, जिससे सड़क सिकुड़ जाती है और जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। यह अव्यवस्था आम राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

और कितनी जानें जाएंगी?

स्थानीय लोगों ने बार-बार प्रशासन से गड्ढों की मरम्मत, अवैध पार्किंग की निगरानी और सड़क सुरक्षा उपायों की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि हर बार हादसे के बाद थोड़ी हलचल होती है, फिर सबकुछ पहले जैसा हो जाता है। रायगढ़-हमीरपुर मार्ग औद्योगिक दृष्टि से भले ही महत्वपूर्ण हो, लेकिन जब तक आम लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता नहीं बनेगी, तब तक यह मार्ग और कितनी जिंदगियां निगलेगा – यह सवाल अब हर किसी के मन में है।

मांगें जो आज भी अनसुनी हैं:

  • सड़क किनारे के गड्ढों की तत्काल मरम्मत
  • ढाबों और दुकानों के पास पार्किंग की समुचित व्यवस्था
  • खतरनाक क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड और सिग्नल व्यवस्था

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