Raigarh News : मां मंगला इस्पात के क्षमता विस्तार पर ग्रामीणों का विरोध तेज, 19 नवंबर की जनसुनवाई निरस्त करने की मांग !

Raigarh News : औद्योगिक नगरी रायगढ़ शहर से कुछ दूरी पर स्थित मां मंगला इस्पात कंपनी द्वारा प्रस्तावित क्षमता विस्तार को लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। कंपनी की आगामी 19 नवंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रभावित गांवों के ग्रामीण लगातार बैठकें कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी द्वारा उत्पादन क्षमता बढ़ाने से क्षेत्र में प्रदूषण कई गुना बढ़ जाएगा। इसका असर न केवल हवा और पानी पर पड़ेगा, बल्कि आसपास के गांवों की कृषि भूमि, जंगल और जलस्रोत भी नष्ट हो जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से ही औद्योगिक गतिविधियों से पर्यावरण पर दबाव बढ़ रहा है और अब क्षमता विस्तार से स्थिति और गंभीर हो जाएगी।

जानकारी के अनुसार, कंपनी वर्तमान में स्पंज आयरन का उत्पादन 60,000 टीपीए करती है, जिसे बढ़ाकर 2,97,000 टीपीए करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार माइल्ड स्टील बिलेट्स का उत्पादन 30,000 टीपीए से 2,20,000 टीपीए, रोल्ड स्टील प्रोडक्ट्स थ्रू हॉट चार्जिंग को 2,12,000 टीपीए, कैप्टिव पावर प्लांट की क्षमता 9 एमडब्ल्यू से 32 एमडब्ल्यू (जिसमें 10 एमडब्ल्यू एएफबीसी तकनीक से) और फ्लाई ऐश ब्रिक्स यूनिट की क्षमता 10,500 टीपीए से 35,000 टीपीए तक बढ़ाने की योजना है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इस विस्तार से झारमुड़ा, अड़बहल, तिलगा, भगोरा, नवागांव, सपनई, बंगुरसिया, सम्बलपुरी, रेंगड़ा, कोटमार, पतरापाली (ई), कोतरलिया, महापल्ली और लोइंग जैसे एक दर्जन से अधिक गांव प्रदूषण की चपेट में आ जाएंगे।

ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण और अपनी जमीन-जंगल-जल की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनसुनवाई को फिलहाल स्थगित कर स्वतंत्र पर्यावरणीय जांच कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य पर असर डालने वाले इस विस्तार प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

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